हमारे आसपास के प्रदूषित वातावरण और खराब जीवनशैली से कई गंभीर बीमारियां होती हैं। अस्थमा उन्‍हीं में से एक है। आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में अस्थमा से बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी पीड़ित हैं। अस्थमा एक ऐसा रोग है, जिसे पूरी तरह से ठीक कर पाना बेहद कठिन है। लेकिन आप अस्थमा के लिए कुछ घरेलू उपचार अपनाकर इसे नियंत्रण में रख सकते हैं।

अदरक

आमतौर पर घरों में अदरक होता ही है। इसे आप अस्थमा के उपचार के लिए भी काम में लें सकते है। आप एक टीस्पून पिसी हुई अदरक को डेढ़ कप पानी में मिलाएं। इसे सोने से पहले पीएं। इससे आपको काफी राहत मिलेगी।

सरसों का तेल

सरसों के तेल से मालिश कर सकते है। इससे श्वसन का मार्ग साफ़ होता है और आपको सांस लेने में आसानी होती है।

भाप लेना

भाप लेकर अस्थमा कम किया जा सकता है। भाप बलगम को कम करती है और हवा के मार्ग को साफ़ करती है।

अंजीर

कफ़ निकालना और सांस लेनी के तकलीफों को दूर करके अस्थमा को नियंत्रित किया जा सकता है। अंजीर इसमं काफी प्रभावी होता है। तीन सूखे हुए अंजीर रात भर पानी में भिगो कर रखें। दूसरे दिन सुबह खाली पेट इसे पी लें। यह लम्बे समय तक प्रभाव करने वाला उपचार है।

लहसुन

लहसुन फेफड़ों में हुए जमाव को दूर करता है और हवा के मार्ग को साफ़ करता है। एक चौथाई कप दूध में लहसुन की तीन कलियां उबालें। इसे सोने से पहले पीयें।

नीलगिरी का तेल

नीलगिरी का तेल अस्थमा के लिए एक उत्तम औषधि है। इसमें उपस्थित घटक बलगम को निकालने में सहायक होता है। इसकी कुछ बूंदों को कॉटन बॉल पर डालें और इसे सूंघे और सोते समय इसे अपने सिर के पास रखें।

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