पाक, एक आयुर्वेदिक टॉनिक है जिसके सेवन से शरीर में शारीरिक, मानसिक और यौन शक्ति की वृद्धि होती है। यह पाक नपुंसकता नाशक, पौष्टिक, वीर्यवर्धक, वाज़िकारक तथा कामशक्तिवर्धक है। यह धातुक्षीणता को दूर करने वाली और शरीर को सबल और पुष्ट करने वाली दवा है।पाक, एक आयुर्वेदिक टॉनिक है जिसके सेवन से शरीर में शारीरिक, मानसिक और यौन शक्ति की वृद्धि होती है। यह पाक नपुंसकता नाशक, पौष्टिक, वीर्यवर्धक, वाज़िकारक तथा कामशक्तिवर्धक है। यह धातुक्षीणता को दूर करने वाली और शरीर को सबल और पुष्ट करने वाली दवा है।

इसके सेवन से  वीर्य सम्बंधित परेशानियों, कमजोरी आदि रोगों में लाभ होता है। इस पाक का मुख्य घटक कौंच या केवांच बीज Mucuna pruriens की गिरी है। केवांच की गिरी बहुत ही प्रभावशाली हर्बल दवा है तथा इसे हजारों वर्षों से पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार करने के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। यह हाइपोथेलेमस पर काम करता है। इसके सेवन से सीरम टेस्टोस्टेरोन, लुटीनाइज़िंग luteinizing हार्मोन, डोपामाइन, एड्रेनालाईन, आदि में सुधार होता है। यह शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता में भी उचित सुधार करने वाली नेचुरल दवा है। मानसिक तनाव, नसों की कमजोरी, टेस्टोस्टेरोन के कम लेवल आदि में इसके सेवन से बहुत लाभ होता है।

केवांच के साथ-साथ इसमें सफेद मूसली, वंशलोचन, त्रिकटु, चातुर्जात, घी, दूध, आदि जैसे पौष्टिक द्रव्य है। पुरुषों में इसके सेवन से स्पर्म काउंट को बढ़ते है। यह वीर्य को की मात्रा और गुणवत्ता में सुधार करता है। कौंच के प्रमुखता होने से यह औषधि कामोद्दीपक, स्पेर्मेटोजेनिक, शक्तिवर्धक, अवसाद दूर करने के और फर्टिलिटी बढ़ाने के गुणों से युक्त है। चतुर्जात और त्रिकटु, के होने से यह भूख, पाचन और अवशोषण में सुधार करता है।

यह दवा आयुर्वेद की वाजीकरण शाखा के अंतर्गत आती है और पौरूष शक्ति तथा प्रजनन क्षमता में सुधार लाने और स्वस्थ संतान होने में सहायक है।

 

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