Loading...
Disease Care

इन परिस्थितियों में भूलकर भी ना पिएं पानी, जा सकती है जान भी

जीवनदायिनी पानी

पानी को जीवनदायिनी माना गया है। शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए पानी आवश्यक है, इसलिए से अधिक पानी पीना स्वास्थ्य के लिए गुणकारी माना गया है। लेकिन शायद आपको यह ना पता हो कि कुछ विशेष परिस्थितियों में यही जीवनदायिनी पानी जानलेवा हो सकती है या यह बीमारियों से बचाने की बजाय शरीर को लंबे समय की बीमारियां देने की वजह भी बन सकता है।

Loading...
Loading...

नीम के तेल से अगर लिंग पर मसाज की जाती है तोह उस से लिंग में वृद्धि होती हैं अथवा इससे नपुंसकता और सिघ्र पतन जैसी समया का भी उपचार हो जाता हैं.

चाणक्य शास्त्र

जी हां, ऐसा संभव है और इसका जिक्र चाणक्य शास्त्र में भी मिलता है। महान राजनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य के अनुसार राज व्यवस्था को सही प्रकार से चलाने के लिए राजा का मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना भी आवश्यक है। इसलिए चाणक्य नीति में राजनीति ज्ञान के अलावा रोजाना के जीवन से जुड़ी कई जरूरी बातें बताई गई हैं।

loading...

कौंच के सेवन से यौन शक्ति में सुधार होता है और वीर्य के अभाव से उत्‍पन्‍न नपुसंकता नष्‍ट होती है। इसके सेवन से यौन क्षमता बढ़ने से पुरुष देर तक यौन संबंध में संलग्‍न रहकर अधिक यौन आनंद प्राप्‍त कर सकता है। 20 से 30 ग्राम की मात्रा में कौंच के चूर्ण का सेवन कर दूध पीने से यौन शक्ति के साथ शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है।

कौंच के सेवन से यौन शक्ति में सुधार होता है और वीर्य के अभाव से उत्‍पन्‍न नपुसंकता नष्‍ट होती है। इसके सेवन से यौन क्षमता बढ़ने से पुरुष देर तक यौन संबंध में संलग्‍न रहकर अधिक यौन आनंद प्राप्‍त कर सकता है। 20 से 30 ग्राम की मात्रा में कौंच के चूर्ण का सेवन कर दूध पीने से यौन शक्ति के साथ शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है।

चाणक्य शास्त्र

चाणक्य शास्त्र में उन बातों का भी जिक्र है जो हमारे स्वास्थ्य को बुरा प्रभावित करते हैं। इनमें एक ‘पानी पीने के फायदे-नुकसान’ भी हैं। यहां इसी की चर्चा करते हुए हम आपको वो जरूरी बातें बताने जा रहे हैं जो आपको पानी पीने में अवश्य ध्यान रखना चाहिए।

अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे तद् बलप्रदम्

“अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे तद् बलप्रदम्। भोजने चामृतं वारि भोजनान्तें विषप्रदम्॥“ चाणक्य शास्त्र के इस श्लोक का अर्थ है, “अपच होने पर पिया गया पानी औषधि के समान है, भोजन के दौरान पिया गया जल अमृत के समान है, किंतु भोजन के उपरांत अर्थात भोजन के बाद पिया गया पानी विष के समान है।“

loading...

भोजन से पहले पानी पीना

आयुर्वेद भी यह बात मानता है कि भोजन से पहले पिया गया पानी जहां शरीर को बलवान बनाता है, भोजन के बीच किया पानी भोजन को पचाने में मदद करता है। किंतु भोजन के बाद पिया पानी इसे पचने नहीं देता।

डॉ. नुस्खे शक्तिवर्धक योग पाउडर शक्तिवर्धक स्वप्नदोष और धातु कमज़ोरी में बहुत लाभकारी हैं। इस से वीर्य गाढ़ा हो स्तम्भन शक्ति बढ़ जाती हैं। जिन युवको को धातु की कमज़ोरी हो या पेशाब में धात गिरती हो तो उनको हर रोज़ एक चममच डॉ. नुस्खे शक्तिवर्धक योग और गुड़ का एक चम्मच रात्रि को सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ ज़रूर सेवन करना चाहिए।

डॉ. नुस्खे शक्तिवर्धक योग पाउडर शक्तिवर्धक स्वप्नदोष और धातु कमज़ोरी में बहुत लाभकारी हैं। इस से वीर्य गाढ़ा हो स्तम्भन शक्ति बढ़ जाती हैं। जिन युवको को धातु की कमज़ोरी हो या पेशाब में धात गिरती हो तो उनको हर रोज़ एक चममच डॉ. नुस्खे शक्तिवर्धक योग और गुड़ का एक चम्मच रात्रि को सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ ज़रूर सेवन करना चाहिए।

अपच

अपच होने से शरीर की संपूर्ण व्यवस्था प्रभावित होती है। इससे शरीर भोजन के पोषक तत्वों को ग्रहण नहीं कर पाता, शरीर में कमजोरी आती है और कई प्रकार की स्वास्थ्य परेशानियां पैदा होती हैं।

भोजन के पूर्व और उपरांत पानी पीना

इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि खाना खाने के तुरंत बाद की बजाय कम से कम 15 मिनट बाद ही पानी पिएं। वजन घटाला में खाने से 10 मिनट पहले पानी पाना लाभदायक है। यह आपको अधिक भोजन करने से रोकता है। सही मात्रा में भोजन करने से आंतों पर अधिक दबाव नहीं होता, अपच नहीं होती और शरीर को सभी पोषक तत्व मिलते हैं।

loading...

Loading...
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top
Close