नमक हमारी सेहत के लिए कितना जरूरी है, इससे कोई भी अनजान नहीं है। सोडियम का भरपूर स्रोत नमक शरीर के लिए महत्वपूर्ण कई तरह की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। हाल ही में एक शोध में कहा गया है कि नमक का ज्यादा सेवन करना हमारे स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। शोध में बताया गया है कि नमक का ज्यादा मात्रा में सेवन डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देता है। शोध के मुताबिक प्रत्येक 2.5 ग्राम अतिरिक्त नमक के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा 43 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

स्वीडन के इंस्टिट्यूट ऑफ इन्वायरमेंटल मेडिसिन के इस रिसर्च में बताया गया है कि जो लोग हर दिन तकरीबन 7.3 ग्राम नमक का सेवन करते हैं उनमें उन लोगों के मुकाबले डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है जो लोग हर दिन कम से कम 6 ग्राम नमक का सेवन करते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि नमक में मौजूद सोडियम इंसुलिन प्रतिरोध पर सीधा प्रभाव छोड़ता है जिस वजह से हाई ब्लड प्रेशर और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। उन्होंने आगे बताया कि ज्यादा मात्रा में नमक का सेवन वयस्कों में लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज (LADA) का खतरा काफी बढ़ा देती है।

अध्ययन के मुताबिक सोडियम के सेवन के प्रभाव से लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज का खतरा हर दिन प्रति ग्राम सोडियम पर 73 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। शोध के नेतृत्वकर्ता बहारे रसौली ने बताया कि हमने सोडियम के सेवन और लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज के खतरे के बीच गहरा संबंध पाया है। नमक में मौजूद सोडियम लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज का प्रमुख कारण है। ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है। एक नए रिसर्च में इसके इलाज के बारे में बताया गया है। हाल ही में यूके के न्यूकैसल यूनिवर्सिटी में हुए रिसर्च में मिले परिणाम डायबिटीज के मरीजों के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं। यूनिवर्सिटी के प्रो. रॉय टेलर के मुताबिक अगर आप कम कैलोरी की डाइट लेंगे तो यह बीमारी धीरे-धीरे कम होने लगेगी। उनका कहना है कि टाइप 2 डायबिटीज लीवर और पैनक्रियाज पर ज्यादा फैट जमा होने से होती है। इसके कारण लीवर पर ज्यादा ग्लूकोस बनाने लगता है। कम कैलोरी वाली डाइट से यह सिचुएशन ठीक हो सकती है।

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