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व्‍‍यक्ति के नाम का पहला अक्षर तय करता है उसका भविष्‍य, जानें कैसे

किसी व्‍यक्ति के स्‍वभाव को समझना आसान नहीं होता और जरूरी नही हैं कि हम कुछ मुलाकातों में व्‍यक्ति के स्‍वभाव को समझ जाएं क्‍योंकि हो सकता है वास्‍तव में उस व्‍यक्ति का जो स्‍वभाव हो वो आपसे मिलते समय बदल जाता हो। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में ऐसी बहुत सी विधाएं हैं जो व्यक्ति के स्वभाव से जुड़ी पोल खोल सकती हैं। जिनमें से एक विधा है नाम के पहले अक्षर से व्‍यक्ति के स्‍वभाव का पता लगाना। अगर आप भी इस विधा को परखना चाहते हैं और नाम के पहले अक्षर को जानकर व्यक्ति के स्वभाव को जानना चाहते हैं तो चलिए हम आपको बताते हैं कैसे।

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नीम के तेल से अगर लिंग पर मसाज की जाती है तोह उस से लिंग में वृद्धि होती हैं अथवा इससे नपुंसकता और सिघ्र पतन जैसी समया का भी उपचार हो जाता हैं.

 

 

 

 

 

ए या अ अक्षर:

‘ए’ या ‘अ’ अक्षर के नाम वाले लोग साहसी होते है, वह अपने काम को लेकर प्रतिबद्ध रहते है। ये लोग खुलकर जीवन जीना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर जिन लोगों के नाम में तीन ए होते है तो ऐसे लोग सिर्फ अपने बारे में ही सोचने वाले होते है।

 

बी या ब अक्षर:

बी या ब अक्षर वाले व्यक्ति के बेहद भावुक होते है। इनमें आत्म-विश्वास की कमी पाई जाती है और ये लोग लालची होते हैं।

सी अक्षर :

सी अक्षर वाले लोग इस प्रकार के लोग में बहुत ह्यूमर होता और ये तुरंत गुस्‍से में भी आ जाते है।

डी तथा ई अक्षर :

‘डी’ अक्षर वाले लोगों की इच्छा शक्ति काफी मजबूत होती है और वे जिद्दी प्रवृत्ति के भी होते हैं। ये लोग व्यापार में सफल और किसी भी बात में समझौता नहीं करते। वहीं ‘ई’ संप्रेषण को दर्शाता है और ई अक्षर वाले लोग मजाकिया, बौद्धिक और दक्ष होते हैं। इनकी कल्पनाशक्ति बहुत मजबूत होती है।

 

 

कौंच के सेवन से यौन शक्ति में सुधार होता है और वीर्य के अभाव से उत्‍पन्‍न नपुसंकता नष्‍ट होती है। इसके सेवन से यौन क्षमता बढ़ने से पुरुष देर तक यौन संबंध में संलग्‍न रहकर अधिक यौन आनंद प्राप्‍त कर सकता है। 20 से 30 ग्राम की मात्रा में कौंच के चूर्ण का सेवन कर दूध पीने से यौन शक्ति के साथ शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है।

कौंच के सेवन से यौन शक्ति में सुधार होता है और वीर्य के अभाव से उत्‍पन्‍न नपुसंकता नष्‍ट होती है। इसके सेवन से यौन क्षमता बढ़ने से पुरुष देर तक यौन संबंध में संलग्‍न रहकर अधिक यौन आनंद प्राप्‍त कर सकता है। 20 से 30 ग्राम की मात्रा में कौंच के चूर्ण का सेवन कर दूध पीने से यौन शक्ति के साथ शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है।

 

 

 

 

 

फ अक्षर:

‘फ’ अक्षर वाले लोग नकरात्मक विचार धारा के होते हैं परन्तु फिर भी यदि ये किसी से प्रेम करते है तो उसके लिए कुछ भी कर सकते है। ये ईमानदार एवं समर्पित तो होते है जिसके बावजूद ये अकेलापन महसूस करते है।

जी और एच अक्षर :

‘जी’ अक्षर वाले धार्मिक स्वभाव के होते हैं और ये अपनी जिंदगी अपने अनुसार जीते है और ये शकी स्वभाव के भी होते है। वहीं दूसरी ओर ‘एच’ अक्षर वाले लोग अपने में ही रहना पसंद करते है और सफलता प्राप्त करने के लिए समर्पित होते है।

आई और जे अक्षर :

‘आई’ अक्षर अपने जीवन को आदर्श बनाने में सक्षम होते है तथा इनकी कला, विज्ञान आदि में रूचि होती है परन्तु इस प्रकार के लोग बहुत जल्दी ही चिंता एवं भय से घिर जाते हैं। वहीं ‘जे’ अक्षर वाले लोगो के जीवन में कोई ध्येय नहीं होता और वो बेहद आलसी स्वभाव के ये लोग अपने जीवन में कुछ भी हासिल करने में दिलचस्पी नहीं लेते।

के और एल अक्षर :

‘के’ अक्षर वाले लोग बेहद भावुक, संवेदनशील और कल्पनाशील व्यक्तित्व वाले होते हैं। वहीं ‘एल’ अक्षर वाले लोग बेहतरीन प्रबंधक और समर्पित स्वभाव के होते हैं और जीवन के बहुत से क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने में सक्षम साबित होते हैं। लेकिन इन्हें जीवन में कई बार दुर्घटना का भी शिकार होना पड़ता है।

एम और एन अक्षर:

‘एम’ अक्षर वाले लोग बिना हर काम में जल्‍दबाजी दिखाते हैं। ये अपने जीवन को प्लान नहीं करते बल्कि परिस्थितियों को झेलते हुए आगे बढ़ते हैं। वहीं ‘एन’ अक्षर वाले लोग एक अच्छे वक्ता और लेखक साबित होते हैं। ऐसे लोगों में जलन बहुत ज्यादा होती है।

ओ और पी अक्षर :

‘ओ’ अक्षर वाले लोग का स्‍वभाव प्रतिबद्ध और समर्पण से भरा होता है जो व्यक्ति को जिम्मेदार बनाता है। वहीं ‘पी’ अक्षर शक्ति का प्रतीक है। किसी की परेशानियों से उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।

क्यू और आर अक्षर :

‘क्यू’ अक्षर वाले लोग बॉर्न लीडर होते हैं। वहीं ‘आर’वाले लोग हार्ड वर्किंग और बेहद भावुक होते हैं।

एस और टी अक्षर :

‘एस’ अक्षर वाले लोग अपना काम पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। ये लोग अपने अतीत से ज्यादा सीख नहीं लेते और भविष्य में भी समान गलती दोहराते हैं। वहीं ‘टी’अक्षर वाले लोग प्रगति का प्रतीक होते है। ये लोग भावुक और संवेदनाओं से घिरे होते हैं।

यु और वी अक्षर :

‘यु’ अक्षर के लोग लकी होते है और ये अपने साथ हुए धोखे को भूल नहीं सकते। वही ‘वी’ अक्षर के लोग स्वाभिमानी होते है तथा यह किसी की मदद लेना पसंद नहीं करते।

 

 

 

डॉ. नुस्खे शक्तिवर्धक योग पाउडर शक्तिवर्धक स्वप्नदोष और धातु कमज़ोरी में बहुत लाभकारी हैं। इस से वीर्य गाढ़ा हो स्तम्भन शक्ति बढ़ जाती हैं। जिन युवको को धातु की कमज़ोरी हो या पेशाब में धात गिरती हो तो उनको हर रोज़ एक चममच डॉ. नुस्खे शक्तिवर्धक योग और गुड़ का एक चम्मच रात्रि को सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ ज़रूर सेवन करना चाहिए।

डॉ. नुस्खे शक्तिवर्धक योग पाउडर शक्तिवर्धक स्वप्नदोष और धातु कमज़ोरी में बहुत लाभकारी हैं। इस से वीर्य गाढ़ा हो स्तम्भन शक्ति बढ़ जाती हैं। जिन युवको को धातु की कमज़ोरी हो या पेशाब में धात गिरती हो तो उनको हर रोज़ एक चममच डॉ. नुस्खे शक्तिवर्धक योग और गुड़ का एक चम्मच रात्रि को सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ ज़रूर सेवन करना चाहिए।

 

 

 

 

 

डब्ल्यू और एक्स अक्षर:

‘डब्ल्यू’ अक्षर वाले लोगों को खतरों से खेलने में मजा आता है लेकिन इनकी ये आदत अपने साथ ही दूसरे के लिए भी समस्या बन सकते है। ‘एक्स’ अक्षर वाले लोग भरोसेमंद नहीं होते ये अपना किया हुआ वादा नहीं निभाते।

वाय और जेड अक्षर :

‘वाय’ अक्षर के लोग कभी भी सही निणर्य नहीं कर पाते। इनमे किसी चीज़ के निर्णय लेने की क्षमता बहुत कम होती है। वही ‘जेड’ अक्षर वाले लोग बहुत आशावान एवं व्यवहारिक होते है।

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