क्या आपने कभी भूत देखे हैं…क्या आपने कभी भूतों से मुलाकात की है…क्या आपको कोई ऐसी जगह मालूम है जहां रोज आते हैं भूत। भूतों से जुड़ी कई कहानियां आपने पढ़ी या सुनी होंगी…कई फिल्मों में भी आपने भूतों को देखा होगा…मगर हम आज आपको जो बताने जा रहे हैं,  उसे पढ़ने के पहले दिल पक्का कर लीजिए।

जी हां…एक ऐसी जगह जहां सुनाई देती हैं कुछ आवाजें चीखने की, चिल्लाने की। रात के अंधेरे में कोई मदद की गुहार लगाता है कोई फूट-फूटकर रोता है, लेकिन दिखता कोई नहीं। कभी कभी जहां शाम ढलने के बाद खनकती हैं चूड़ियां, बजते हैं घुंघरू….साज की एक ऐसी दुनिया जिसमें जिंदगी का नामो-निशान तक नहीं…

सुनने में अगर अजीब लग रहा है, तो लगना ही चाहिए। मगर लोग कहते हैं कि गुजरात का वो समंदर का किनारा…वो बीच…और उसी बीच पर जश्न मनातीं कुछ अदृश्य शक्तियां हैं। ऐसी शक्तियां जो इंसानों से अलग हैं। शाम ढलने के बाद उस बीच पर इंसानों का आना जाना वर्जित हो जाता है…चमकती रात में चमकती हैं उन अदृश्य शक्तियों की मौजूदगी और बसंती शाम में समंदर के खारे जल में उभरती चली आती हैं कुछ परछाइयां।

लोग कहते हैं वो भटकती आत्माएं हैं, वो सायों का समूह है, जिसे इंसानों की आंखों से देखने पर दिल धड़कना बंद हो जाता है।

जी हां…यही कहानियां हैं गुजरात के ‘डुमस बीच’ को लेकर। इसे ‘दमस बीच’ भी कहते हैं। यूं तो इस बीच पर दिन भर प्रेमी जोड़े और पर्यटकों का रेला लगा रहता है मगर जैसे-जैसे सूरज क्षितिज के पार जाता है और शाम गहराती है वैसे-वैसे यहां से इंसान गायब होने लगते हैं।

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