जब तक शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति मजबूत रहती है तब तक मनुष्य को रोग नही होते। पर जब यह शक्ति क्षीण हो जाती है तो मनुष्य को बीमारियाँ होने लगती है इसलिए रोग प्रतिरोधी शक्ति को मजबूत बनाने वाले तरीको और उपाय के बारे मेँ जानकारी होना आवश्यक है। ऐसे उपायो मे आयोग्य खानपान, व्यायाम का अभाव, मानसिक तनाव, और प्रदूषण का समावेश होता है।

अयोग्य खानपान 

यह मनुष्य के शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली आदत है। मसालो, तली हुई चीजे, अत्यधिक ठंडी चीजो का सेवन और मिठाईयो के ज्यादा खाने से जीवन शक्ति कम होने लगती है। ज्यादा चटपटे खाने और फास्ट फूड खाने की होड़ लगी रहती है। आहार का अत्यधिक सेवन भी पाचन क्रिया पर बोझ बन जाता है। बार बार खाने से भी यही परिणाम होता है जब आप एक बार खाना खाए उसके पचने के बाद ही दुबारा से किसी और चीज का सेवन करे।

गलत जीवनशैली

आज हमारा आज हमारा जीवन बहुत ही अनियमित हो गया है हमारा खाने पीने सोने जागने का पता ही नही रहता कब सोना है कब जागना है इसके फलस्वरुप जीवन खतरे मे पड जाता है। अपच, कब्ज जैसे अन्य रोग होने लगते है। और इसके परिणाम स्वरुप हमारा शरीर सही तरह से कार्य नही कर पाता है। शरीर मेँ मल और विष का संचय होने लगता है।

बुरी आदते

आदमी की बुरी आदते भी उसके जीवन पर बहुत बुरा असर डालती है। और मनुष्य की रोग प्रतिरोधी क्षमता घटने लगती है। उन बुरी आदत मे जैसे तंबाकू, चरस गांजा, चाय कॉफी का अधिक सेवन, नशीली चीजोँ का सेवन, यह सब रोग प्रतिरोधी क्षमता को नुकसान पहुंचाता है। कई प्रयोग से पता चला है कि एक सिगरेट पीने से 25 मिलीग्राम विटामिन सी का नुकसान होता है।

व्यायाम का अभाव 

आजकल लोग मेहनत करने के नाम से ही दूर भागने लगे है। काम को तो लगभग छोड ही दिया है। काम ना करने वाले व्यक्ति को छोटा माना जाता है। परंतु आजकल कुर्सी या सोफे पर बैठकर दिमाग से काम करने वाले को मान सम्मान दिया जाता है। इसके फल स्वरुप समाज का एक बड़ा वर्ग श्रम रहित जीवन बिता रहा है और इसी के अभाव मे शरीर की कार्य क्षमता प्रभावित होती है।

मानसिक तनाव 

आज के ज़माने मे कई कारणो से मानसिक तनाव एक समस्या बन गई है। मानसिक तनाव बहुत जल्दबाजी और उलझी हुई जीवनशैली का ही परिणाम है। जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक साबित हो सकता है। मानसिक तनाव हमारे शरीर के विटामिनस को बहुत नुकसान पहुंचाता है।

प्रदूषण 

आज विकासशील देशो मे खासकर बड़े शहरो मे प्रदूषण बहुत ही खतरनाक स्थिति मेँ पहुंच गया है। उद्योगो और यातायात के साधनो मे बढोतरी होने से प्रदूषण मे भी बढोतरी हो गई है प्रदूषण भी शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को नुकसान पहुंचाने मे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

 

 

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