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सावधान! ज्यादा सेक्स करना हो सकता है खतरनाक, होगा ये नुकसान

साइंस के मुताबिक सेक्स से मूड बेहतर और दिमाग टेंशनफ्री रहता है। इसके साथ ही हेल्दी लाइफ में सेक्स की अहम भूमिका बताई जाती है। सेक्स थेरपिस्ट के अनुसार सेक्सुअल अट्रेक्शन और सेक्स की जरुरत ही सेक्सुअल रिलेशनशिप का आधार है, लेकिन यह सवाल बेहद अहम है कि सेक्स कितना करना चाहिए? और सेक्स को किस हद तक करना चाहिए?

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हाल में ही एक महिला का केस सामने आया। जो कि शादी के एक महीने बाद ही बीमार रहने लगी। जांच में पता चला, जो कि उसे हैरान करने वाला था। असल में जांच में आया कि उसकी किडनी में इंफेक्शन हो गया है। उन्हें समझ नहीं आया कि ऐसा हुआ क्यों। 24 साल की यह महिला और पूरा परिवार

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परेशान है कि आखिर ये हुआ कैसे। तब डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हनीमून सिस्टाइटिस हो गया है। यानी कि  शादी के एक महीने के अंदर अगर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) हो जाए और इसका वक्त पर इलाज न हो तो यह किडनी डैमेज कर सकता है।

गंगाराम अस्पताल के यूरॉलजिस्ट ऐंड रोबॉटिक सर्जन डॉक्टर विपिन त्यागी ने बताया कि शादी के बाद बार-बार सेक्सुअल रिलेशन बनाने की वजह से अधिक संख्या में बैक्टीरिया ब्लैडर में पहुंच जाते हैं। इसकी कारण इस महिला को हनीमून सिस्टाइटिस (बार-बार यौन संबंध बनाने से होने वाला इंफेक्शन) हो गया। यह इंफेक्शन किडनी तक पहुंच गया जिसके कारण किडनी भी फैल हो सकती है।

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डॉक्टर ने बताया कि हर महीने 10 से 12 महिलाएं इस बीमारी से संबंधित ही आती है। उनमें यूटीई इन्फेक्शन तेजी से फैलने की वजह हनीमून सिस्टाइटिस होता है। ऐसे दो से तीन पर्सेंट मरीजों में किडनी फेल होने तक मामला पुहंच जाता है।

डॉक्टर ने बताया कि इस महिला की बीमारी का पता डायग्नोसिस के बाद चला। साथ ही ये पता चला कि इस महिला की किडनी फेल होना अभी शुरू हुआ है। किडनी पर 30 प्रतिशत तक असर हो चुका था और पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही थी। बॉडी में वेस्ट पदार्थ बढ़ता जा रहा था। ब्लड में केमिकल का बैलेंस खराब हो रहा था।

किडनी को अलग हेल्दी रखना है, तो इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए।

  • तंदुरुस्त और सक्रिय रहें। इससे आपका रक्तचाप कम रहता है, जो गुर्दो की सेहत बनाए रखता है।
  • ब्लड शूगर को नियमित रूप से नियंत्रित रखें, क्योंकि डायबिटीज वाले लोगों के गुर्दे क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।
  • ब्लड प्रेशर की निगरानी रखें। यह गुर्दो की क्षति का आम कारण होते हैं। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। 128 से 89 को प्रि-हाईपरटेंशन माना जाता है और इसमें जीवनशैली और खानपान में बदलाव करना होता है। 140/90 से अधिक होने पर अपने डॉक्टर से खतरों के बारे में बात करें।
  • सेहतमंद खाएं और वजन नियंत्रित रखें। नमक का सेवन घटाएं, प्रतिदिन केवल 5 से 6 ग्राम नमक ही लेना चाहिए। इसके लिए प्रोसेस्ड और रेस्तरां से खाना कम से कम खाएं और खाने में ऊपर से नमक न डालें। अगर आप ताजा चीजों के साथ खुद खाना बनाएं, तो इससे बचा जा सकता है।

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