१ * तिल और गोखरू दूध में उबालकर पीने से बहुत लाभ होता है।
२ * दो सौ ग्राम लहसुन पीसकर उसमें ६०० ग्राम शहद मिलाकर एक साफ जार में भर कर अच्‍छी तरह ढक्‍कन बंद करके गेहूं की बोरी में रख दें। फिर तीस दिन बाद उसे बोरी से बाहर निकालें और
१० ग्राम की मात्रा में चालीस पचास दिनों तक रोज सेवन करने से नपुसंकता दूर होती है और खोयी हुई मर्दांगनी वापस आ जाती है।

३ * पन्‍द्रह ग्राम तुलसी के बीज और ३० ग्राम सफेद मूसली का पाउडर तैयार करें। फिर इसमें ६० ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और बोतल में भरकर रखें। इस पाउडर को ५ ग्राम रोज सुबह शाम दूध के साथ पिएं।
४ * बेल की १०-१५ पत्तियां, २ बादाम गिरी और डेढ़ सौ ग्राम चीनी। इन तीनों को पीसकर उसमें पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं और एक चौथाई पानी रह जाने पर उतार लें और ठंडा करके पिएं।
५ * २० मिलीग्राम सफेद प्‍याज़ का रस, १० ग्राम शहद और ३ मिलीग्राम अदरक का रस व २ ग्राम घी लेकर सभी चीजों को एक साथ मिलाकर २० – २५ दिनों तक लेने से नपुसंकता दूर होती है।
६ * नारियल के चूरे को बरगद के दूध की ५ – ६ बूंद मिलाएं, फिर इस मिश्रण में ३ टी-स्‍पून शहद मिलाकर सेवन करें। इससे मर्दांनगी बढ़ेगी।
७ * जंगली पालक के १०० ग्राम बीज का पाउडर बना लें। फिर लगभग ढाई ग्राम पाउडर दिन में तीन बार एक कप दूध के साथ लें। लगभग डेढ़ महीने तक सादा खाना खाएं। आपको बहुत आराम मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here