पुर्तगाली यूनिवर्सिटी में 1841 से एक बोतल में कटा हुआ सिर रखा हुआ है। यहां आने-जाने वाले लोगों को ये सिर घूरकर देखता रहता है।

पुर्तगाली यूनिवर्सिटी में 1841 से एक बोतल में कटा हुआ सिर रखा हुआ है। यहां आने-जाने वाले लोगों को ये सिर घूरकर देखता रहता है। ये सिर किसी महान शख्स का नहीं, बल्कि सीरियल किलर का है, जिसे 1841 फांसी की सजा दी गई थी। 3 साल में किया था 70 से ज्यादा लोगों का खून..

ये सिर सीरियल किलर दिओगो अल्वेस का है, जिसका जन्म 1810 में गेलिसिया ( स्पेन ) में हुआ था।
-काम के सिलसिले में दिओगो लिस्बन शिफ्ट हो गए थे, जहां उसने धीरे-धीरे पैसे कमाने के लिए लूटपाट की घटना को अंजाम देना शुरू किया।
-1836 से 1839 तक के बीच दिओगो ने करीब 70 लोगों को लूट कर उनकी हत्या कर दी थी। लोगों का खून करने के बाद दिओगो उनकी बॉडी को ब्रिज से नीचे पानी में फेंक देता था।
-पुलिस दिओगो द्वारा किए गए मर्डर को सुसाइड मान कर केस बंद कर दिया करती थी। लेकिन जब पुलिस को कुछ बॉडीज पर चोट के निशान भी दिखे, तो उन्हें शक होने लगा।
-पुलिस का शक बढ़ता देख, दिओगो अंडरग्राउंड हो गया। कुछ सालों तक उसकी कोई खबर नहीं मिली।
-फिर अचानक एक परिवार के कई लोगों का मर्डर करने के दौरान दिओगो पुलिस के हत्थे चढ़ गया। तब जाकर इस सीरियल किलर की सारी सच्चाई सामने आई।
फांसी के बाद काटा गया था सिर
-1841 में दिओगो को फांसी की सजा दी गई थी। उस दौरान फ्रेनोलॉजी की पढ़ाई चलन में थी, जिसमें लोगों के दिमाग को स्टडी किया जाता है। दिमाग को स्टडी कर पता लगाया जाता है कि सामने वाले इंसान के दिमाग में क्या-क्या चलता है?
-एक्सपर्ट्स ने ये फैसला किया कि वो दिओगो की दिमाग को स्टडी करेंगे और ये पता लगाएंगे कि क्रिमिनल किस हिसाब से सोचते हैं?
-इसी वजह से फांसी के बाद दिओगो का सिर काटकर प्रिजर्व किया गया था।
-ये तो कन्फर्म नहीं है कि उसके दिमाग की स्टडी की गई या नहीं, लेकिन इतने सालों बाद भी उसका सिर यूनिवर्सिटी में वैसे का वैसा ही रखा हुआ है।

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